
*पूरनपुर बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण करते हुए सीएम योगी।*
**पीलीभीत में शारदा और देवहा नदी के कारण जनपद के 222 गांव की लगभग 76000 आबादी और कृषि प्रभावित हुई है।*
हजारा(पूरनपुर) पूरनपुर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेने पहुंचे सीएम योगी आदित्यनाथ ने वार्ड प्रभावित लोगों के से मिलकर उनसे संवेदना व्यक्त कि पहाड़ों एवं मैदानी भागों में हो रही मूलाधार बारिश से दर्जनों गांव व घरों में बाढ़ का पानी भर जाने से बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में ट्रांस शारदा एवं नेपाल सीमावर्ती क्षेत्र में भयंकर बाढ से हाहाकार मचा हुआ है *।बाढ़ प्रभावित गांव चंदिया हजारा का निरीक्षण कर वापस लौटे सीएम योगी आदित्यनाथ ने अभयपुर जगतपुर में हेलीपैड के पास बने बाढ़ राहत शिविर में पहुंचकर ग्रामीणों को संबोधित किया* ।बाढ़ पीड़ितों के प्रति संवेदना व्यक्त की। बताया कि एक सप्ताह से नेपाल उत्तराखंड और पीलीभीत में अतिवृष्टि के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ गया है।जिससे यहां बाढ की बड़ी समस्या खड़ी हुई है।अभी तक 15 अगस्त से 30 अगस्त के बीच में बाढ़ देखने को मिलती थी। जुलाई के प्रथम सप्ताह में ही हम लोगों को बाढ़ की समस्या से जूझना पड़ रहा है। इस बाढ से पीलीभीत सहित प्रदेश के 12 जनपद प्रभावित हुए है।कहा कि सरकार ने अपने स्तर पर प्रयास प्रारंभ किया। बाढ़ बचाव के सभी उपाय समय पर पूरे हो,उस पर कार्य भी किया गया है।लोक सभा का चुनाव लंबा चलने के कारण हो सकता है उसमें कोताही बरती गई हो। शारदा नदी में मजबूत और पुख्ता बाढ़ बचाव कार्य करने का प्रयास किया गया है।अतिवृष्ट के कारण व्यापक रूप से जल उपलावन की स्थिति देखने को मिली है।पीलीभीत में शारदा और देवहा नदी के कारण जनपद के 222 गांव की लगभग 76000 आबादी और कृषि प्रभावित हुई है। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों को पहले ही निर्देशित कर दिया गया था,कि क्षेत्र में तत्काल राहत एवं बचाव कर प्रारंभ की जाए। सबसे पहले प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए। बाढ़ की विभीषिका से निपटने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों को नाव, मोटर वोट, खाद्यान्न पैकेट और लंच पैकेट बनाने के आदेश दिए। जनपद में बाढ से तीन जन हानि ,13 पशु हानि हुई है।इसके साथ ही पशुओं के लिए चारा की व्यवस्था के लिए अधिकारियों को आदेशित किया।बाढ बचाव के लिए 261 शरणालय 46 बाढ चौकिया का गठन करने के साथ ही अन्य उपाय करने के निर्देश दिए।बताया कि बाढ़ में राहत एवं बचाव कार्य के लिए एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पीएससी,एसएसबी को लगाया गया है।बाढ़ पीड़ितों को सुविधाएं देने के लिए निर्देश दिए हैं। जहां घरों के अंदर पानी घुस गया है वहां कम्युनिटी किचन की व्यवस्था करने के निर्देश दिए।जो पीड़ित परिवार अलग से भोजन बनाना चाहते हैं उनके के लिए दो पैकेट राहत सामग्री उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के द्वारा कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों को पहले ही निर्देशित कर दिया गया था,कि क्षेत्र में तत्काल राहत एवं बचाव कर प्रारंभ की जाए। सबसे पहले प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए। क्षेत्र के मार्गों पर बाढ़ का पानी बहने से आवागमन हुआ प्रभावित ट्रांस शारदा क्षेत्र एवं नेपाल सीमावर्ती क्षेत्र में बाढ़ के पानी ने क्षेत्र के मार्गों पर पहुंचकर आवागमन प्रभावित कर दिया है।क्षेत्र के राणा प्रताप नगर-नहरोसा,राणाप्रताप नगर-चिरैया टोला,मुरैना गांधीनगर-अशोकनगर,नेहरु नगर-रामनगर,हजारा-सिद्ध नगर व नेपाल सीमावर्ती क्षेत्र के पीडब्ल्यूडी मार्गों पर दो से ढाई फुट तक पानी का तेज बहाव होने से ग्रामीणों के सामने आवागमन की समस्या खड़ी हो गई है। आवागमन के लिए नौका संचालन की मांग किया गया है प्रभावित क्षेत्रों में दौरा करते हुए सी एम योगी ट्रांस शारदा क्षेत्र के गांव राणाप्रताप नगर को शारदा नदी के कटान व बाढ़ से बचाने के लिए बाढ़ खंड के द्वारा पूर्व में स्पर और डौला नूमा बंधा बनाया गया था इधर हाल ही में बाढ़ खंड के द्वारा राणाप्रताप नगर व नहरोसा के मध्य बचाव कार्य कराया गया था मगर विभागीय उदासीनता के चलते बंधा का मरम्मत कार्य नहीं कराया गया था जिस कारण बाढ़ के तेज बहाव ने बंधा को तोड़ दिया जिस कारण बाढ़ का पानी राणाप्रताप नगर गांव व घरों में घुस गया जिस कारण लोगों के सामने समस्या खड़ी हो गई है बात प्रभावित क्षेत्र के किसानों के द्वारा बर्बाद हुई सब्जी एवं धान की फसलों के मुआवजे की मांग की जो सीएम योगी बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का दौरा करने के उपरांत सभी जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासनिक अधिकारियों को बाड प्रभावित को सुरक्षित स्थान पर पहचाना एवं उनकी सुरक्षा व्यवस्था की विशेष ध्यान के निर्देश दिए गए।
*उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर तैयारियो में जुटी एडीम ऋतु पुनिया की हालत बिगड़ी,**उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर तैयारियो में जुटी एडीम ऋतु पुनिया की हालत बिगड़ी, बाढ़ प्रभावित क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते हुए एडीम ऋतू पुनिया हुई अचानक बेहोश एडीम कि अचानक तबीयत खराब होने के कारण प्रशासनिक अधिकारियों में मचा हड़कंप आनन फानन में एडीम को इलाज के लिए अस्पताल में कराया भर्ती कार्यक्रम स्थल अभयपुर जगतपुर में हैली पैड पर हुई तबियत खराब।*पूरनपुर बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण करते हुए सीएम योगी।*
**पीलीभीत में शारदा और देवहा नदी के कारण जनपद के 222 गांव की लगभग 76000 आबादी और कृषि प्रभावित हुई है।*
हजारा(पूरनपुर) पूरनपुर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेने पहुंचे सीएम योगी आदित्यनाथ ने वार्ड प्रभावित लोगों के से मिलकर उनसे संवेदना व्यक्त कि पहाड़ों एवं मैदानी भागों में हो रही मूलाधार बारिश से दर्जनों गांव व घरों में बाढ़ का पानी भर जाने से बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में ट्रांस शारदा एवं नेपाल सीमावर्ती क्षेत्र में भयंकर बाढ से हाहाकार मचा हुआ है *।बाढ़ प्रभावित गांव चंदिया हजारा का निरीक्षण कर वापस लौटे सीएम योगी आदित्यनाथ ने अभयपुर जगतपुर में हेलीपैड के पास बने बाढ़ राहत शिविर में पहुंचकर ग्रामीणों को संबोधित किया* ।बाढ़ पीड़ितों के प्रति संवेदना व्यक्त की। बताया कि एक सप्ताह से नेपाल उत्तराखंड और पीलीभीत में अतिवृष्टि के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ गया है।जिससे यहां बाढ की बड़ी समस्या खड़ी हुई है।अभी तक 15 अगस्त से 30 अगस्त के बीच में बाढ़ देखने को मिलती थी। जुलाई के प्रथम सप्ताह में ही हम लोगों को बाढ़ की समस्या से जूझना पड़ रहा है। इस बाढ से पीलीभीत सहित प्रदेश के 12 जनपद प्रभावित हुए है।कहा कि सरकार ने अपने स्तर पर प्रयास प्रारंभ किया। बाढ़ बचाव के सभी उपाय समय पर पूरे हो,उस पर कार्य भी किया गया है।लोक सभा का चुनाव लंबा चलने के कारण हो सकता है उसमें कोताही बरती गई हो। शारदा नदी में मजबूत और पुख्ता बाढ़ बचाव कार्य करने का प्रयास किया गया है।अतिवृष्ट के कारण व्यापक रूप से जल उपलावन की स्थिति देखने को मिली है।पीलीभीत में शारदा और देवहा नदी के कारण जनपद के 222 गांव की लगभग 76000 आबादी और कृषि प्रभावित हुई है। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों को पहले ही निर्देशित कर दिया गया था,कि क्षेत्र में तत्काल राहत एवं बचाव कर प्रारंभ की जाए। सबसे पहले प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए। बाढ़ की विभीषिका से निपटने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों को नाव, मोटर वोट, खाद्यान्न पैकेट और लंच पैकेट बनाने के आदेश दिए। जनपद में बाढ से तीन जन हानि ,13 पशु हानि हुई है।इसके साथ ही पशुओं के लिए चारा की व्यवस्था के लिए अधिकारियों को आदेशित किया।बाढ बचाव के लिए 261 शरणालय 46 बाढ चौकिया का गठन करने के साथ ही अन्य उपाय करने के निर्देश दिए।बताया कि बाढ़ में राहत एवं बचाव कार्य के लिए एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पीएससी,एसएसबी को लगाया गया है।बाढ़ पीड़ितों को सुविधाएं देने के लिए निर्देश दिए हैं। जहां घरों के अंदर पानी घुस गया है वहां कम्युनिटी किचन की व्यवस्था करने के निर्देश दिए।जो पीड़ित परिवार अलग से भोजन बनाना चाहते हैं उनके के लिए दो पैकेट राहत सामग्री उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के द्वारा कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों को पहले ही निर्देशित कर दिया गया था,कि क्षेत्र में तत्काल राहत एवं बचाव कर प्रारंभ की जाए। सबसे पहले प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए। क्षेत्र के मार्गों पर बाढ़ का पानी बहने से आवागमन हुआ प्रभावित ट्रांस शारदा क्षेत्र एवं नेपाल सीमावर्ती क्षेत्र में बाढ़ के पानी ने क्षेत्र के मार्गों पर पहुंचकर आवागमन प्रभावित कर दिया है।क्षेत्र के राणा प्रताप नगर-नहरोसा,राणाप्रताप नगर-चिरैया टोला,मुरैना गांधीनगर-अशोकनगर,नेहरु नगर-रामनगर,हजारा-सिद्ध नगर व नेपाल सीमावर्ती क्षेत्र के पीडब्ल्यूडी मार्गों पर दो से ढाई फुट तक पानी का तेज बहाव होने से ग्रामीणों के सामने आवागमन की समस्या खड़ी हो गई है। आवागमन के लिए नौका संचालन की मांग किया गया है प्रभावित क्षेत्रों में दौरा करते हुए सी एम योगी ट्रांस शारदा क्षेत्र के गांव राणाप्रताप नगर को शारदा नदी के कटान व बाढ़ से बचाने के लिए बाढ़ खंड के द्वारा पूर्व में स्पर और डौला नूमा बंधा बनाया गया था इधर हाल ही में बाढ़ खंड के द्वारा राणाप्रताप नगर व नहरोसा के मध्य बचाव कार्य कराया गया था मगर विभागीय उदासीनता के चलते बंधा का मरम्मत कार्य नहीं कराया गया था जिस कारण बाढ़ के तेज बहाव ने बंधा को तोड़ दिया जिस कारण बाढ़ का पानी राणाप्रताप नगर गांव व घरों में घुस गया जिस कारण लोगों के सामने समस्या खड़ी हो गई है बात प्रभावित क्षेत्र के किसानों के द्वारा बर्बाद हुई सब्जी एवं धान की फसलों के मुआवजे की मांग की जो सीएम योगी बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का दौरा करने के उपरांत सभी जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासनिक अधिकारियों को बाड प्रभावित को सुरक्षित स्थान पर पहचाना एवं उनकी सुरक्षा व्यवस्था की विशेष ध्यान के निर्देश दिए गए।



